पाखण्डी ढोंगी ही यहाँ इज़्ज़त पाएगा।
ईमानदार मुश्किल से पेट भर खाएगा।।
जिसको खास समझोगे वही दुख देगा।
बुरे वक्त में सागा किनारा कर जाएगा।।
स्त्रियाँ विवाह करने से मना करने लगे।
गर प्रेम के नाम पर तन भोगा जाएगा।।
ग़र स्त्रियों मे ममत्व भाव खत्म हो जाए।
फिर समाज और संसार कैसे बच पाएगा।।
गर सच बोलोगे तो रिश्ते टूटेगे 'उपदेश'।
समझदारी भी कोई काम नही आएगा।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
गाजियाबाद


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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