Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of WordThe Flower of Word by Vedvyas Mishra
The Flower of WordThe novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas MishraThe Flower of Word by Vedvyas Mishra
Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The novel 'Nevla' (The Mongoose), written by Vedvyas Mishra, presents a fierce character—Mangus Mama (Uncle Mongoose)—to highlight that the root cause of crime lies in the lack of willpower to properly uphold moral, judicial, and political systems...The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra

कविता की खुँटी

                    

एक नया पाठ पढ़ा लें

एक नया पाठ पढ़ा लें

क्यों न अब हम दोस्ती का हाथ बढ़ा लें

जिन्दगी को फिर एक नया पाठ पढ़ा लें

यहां तमाशाई बहुत हैं चाहने वाले कम हैं

जरूरी है अब हम भी एक नकाब लगा लें

देखने वालों की कमी नहीं है अब यहां पर

चाहते नहीं कमेंट के लिए कलम उठा लें

गर कुछ ना कहोगे, तो समझेंगे क्या हम

क्यों, ना इस को, अपने दिल से लगा लें

गर खामोश रहोगे तो मजा कहां आएगा

करके कमेंट इस पर आओ लुत्फ उठा लें

गूंगे बहरों की दुनियां, मंजूर नहीं यादव

इस से अच्छा है हम नई दुनियां बसा लें


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रचना के बारे में पाठकों की समीक्षाएं (4)

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मनोज कुमार सोनवानी "समदिल" said

गर खामोश रहोगे तो मजा कहां आएगा। एकदम सच्ची बात 👌👌🙏 महफ़िल तो प्यार और मस्ती बांटने से जमती है। सादर प्रणाम 👌👌👌👌🙏

Lekhram Yadav replied

आपका बहुत-बहुत हार्दिक धन्यवाद, आपको सादर नमस्कार।

सुप्रिया साहू said

अगर आप इतना सुंदर लिखेंगे तो हम खामोश कैसे रहेंगे, नई दुनिया ना बसाइए हम आ गए हैं पुरानी महफ़िल में ही रहते हैं और हंसते मुस्काते प्यार से रहते हैं, अब तो हमने कलम भी उठा लिया है, बहुत खूबसूरत रचना 👌👌, आपको सादर प्रणाम 🙏🙏।

Lekhram Yadav replied

आपका बहुत-बहुत हार्दिक धन्यवाद आपको सादर नमस्कार

वन्दना सूद said

बिल्कुल सही मुद्दा उठाया आपने sir
आप नाराज न होइए सब धीरे धीरे अपनी कलम से कमेंट करना सीख ही जाएँगे ।

Lekhram Yadav replied

आपका बहुत-बहुत धन्यवाद वन्दना जी, हम तो किसी से नाराज नहीं हैं, खुद से भी नहीं, बस लोगों की उस संकुचित धारणा को जानने की कोशिश कर रहे हैं, कि वे अपनी रचना पर तो कमेंट चाहते हैं, मगर दूसरों की रचनाओं पर नहीं, ऐसा क्यों सोचते हैं ये लोग?, आपको सादर नमस्कार।

कृष्णा शर्मा said

बहुत हीं खूबसूरत रचना व भाव 👏👏
सादर प्रणाम 🙏

Lekhram Yadav replied

आपका बहुत-बहुत हार्दिक धन्यवाद आपको सादर नमस्कार

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