दूसरे को जानने से पहले स्वयम् को जानें
यदि तन सबका अलग
मन सबका अलग
राहें सबकी अलग
तो संघर्ष सबका एक सा कैसे हो सकता है ?
यदि संघर्ष सबके अलग
तजुर्बे सबके अलग
कर्म सबके अलग
तो सुख दुख सबके एक से कैसे हो सकते हैं ?
यदि सुख दुख सबके अलग
दर्द की कहानियाँ सबकी अलग
कठोर मिज़ाज की वजह सबकी अलग
तो किसी के व्यक्तित्व को जानने की कला किसी को कैसे आ सकती है ?
वन्दना सूद
यह रचना, रचनाकार के
सर्वाधिकार अधीन है
सर्वाधिकार अधीन है


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







