कापीराइट गजल
चुरा ले गया कोई
यकीं, इस दिल से, चुरा ले, गया कोई
खुद को खुद से ही चुरा ले गया कोई
समझ कर के अपना, किया था यकीं
उसी यकीं को अब चुरा ले गया कोई
यह, कब कैसे हुआ, हमें खबर न हुई
भेद, इस दिल का, चुरा ले, गया कोई
बहुत, कोशिश की हम ने, छुपाने की
हर कोशिश को धता, बता गया कोई
हाल अपने दिल का, बताएं किस को
धोखे से यकीं हमको दिला गया कोई
अब भरोसा करें, किस-किस पे यादव
हर यकीं को हवा में उङा ले गया कोई
- लेखराम यादव
( मौलिक रचना )
यह रचना, रचनाकार के
सर्वाधिकार अधीन है
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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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