जब भी बारिश आती है,
मुझको तेरी याद आती है,
अपनी ठंडी हवा के साथ,
मुझको अपना बनाती है,
बारिश के बूंदों के जैसी,
मेरे तन को भींगाती है,
मेरी हर ख्वाहिश को भी,
अपने सीने से लगाती है,
हर नए पुराने ख्वाब को,
वो मेरे दिल में सजाती है,
किस्मत की लकीरों से,
मेरे नाम को लिख जाती है,
कोई क्या समझाए उसको,
सुप्रिया समझ न पाती है,
बस उसको यूँ मुस्कुराते देख,
दिलों जाँ से यूँ ही चाहती है....।।
- सुप्रिया साहू


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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