भारत देश की महिमा अनमोल,
हर दिल में बसी है उसकी बोल।
पहाड़ों की छांव में गूंजे गीत,
नदियों की धारा में मिले प्रीत।
खेतों में हरियाली का छवि,
बागों में खिलें खुशबू की लहरें।
संस्कृति और परंपरा की शान,
हर कोने में बसी है इसकी जान।
संघर्षों में भी मुस्कान छुपी,
हर मुश्किल में भी है ये अडिग।
वीरों की धरती, संतों का वास,
हर जन के दिल में बसी है आस।
प्रेम और एकता की अद्भुत पहचान,
हर धड़कन में बसी है इसकी जान।
भारत माँ, तुझे शत-शत नमन,
तेरे चरणों में सारा जग है समर्पण।
तेरी मिट्टी में जन्म लिया हमने,
तेरे आँगन में ही फलें और बढ़ें।


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







