👉 बह्र - बहर-ए-कामिल मुसम्मन सालिम
👉 वज़्न - 11212 11212 11212 11212
👉 अरकान - मुतुफ़ाइलुन मुतुफ़ाइलुन मुतुफ़ाइलुन मुतुफ़ाइलुन
मेरा चैन तू , तू करार है तू ही हमसफ़र तू ही प्यार है
तू जो पास है तो है रौनकें मेरी जिंदगी में बहार है
तुझे देख कर मेरे हम-नवाँ तुझे देखता ही मैं रह गया
मेरे दिल को है तेरी आरज़ू मिरा दिल तुझी पे निसार है
तुझे बे-ख़बर न हुई ख़बर कि तिरी नज़र में है क्या असर
हो गया सुरूर सा जो मुझे वो तेरी नज़र का ख़ुमार है
तेरी रहमतों से मुझे सनम मेरी चाहतों का सिला मिला
तिरे बिन मिरा न वजूद कुछ तिरे साथ मेरा वक़ार है
करूँ उस ख़ुदा का मैं शुक्रिया जो नसीब में तुझे लिख दिया
तिरे संग ज़ीस्त गुलाब सी तेरे बिन लगे यूँ कि ख़ार है
© विवेक'शाद'


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







