Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of WordThe Flower of Word by Vedvyas Mishra
The Flower of WordThe novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas MishraThe Flower of Word by Vedvyas Mishra
Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The novel 'Nevla' (The Mongoose), written by Vedvyas Mishra, presents a fierce character—Mangus Mama (Uncle Mongoose)—to highlight that the root cause of crime lies in the lack of willpower to properly uphold moral, judicial, and political systems...The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra

कविता की खुँटी

                    

बादल ये मोहब्बत का

बादल ये मोहब्बत का

बादल ये मोहब्बत का बरस जाएगा जिस दिन

ये प्यार तुमको हमारा नजर आएगा उस दिन

आशाओं के ये फूल रोज खिलते हैं कहां दिल में

नजर आता है कहां इमरोज भी अब निस दिन

ये बादल भी प्यार के रोज बरसते हैं अब कहां

तड़प जाएगी धरा, बादल बरस जाएगा जिस दिन

कहां जमाने में यूं जिन्दा रह के मिली हैं खुशियां

सिमट आएंगी ये खुशियां कजा आएगी जिस दिन

पास होके भी तुम्हारे कहां हमें हासिल है खुशी

मिटेगी कभी तो दूरी, तुम पास आओगे जिस दिन

हमें तो हो गई है आदत अकेले रहने की यादव

समझ आएगा तुम्हें, अकेले रह जाओगे जिस दिन


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रचना के बारे में पाठकों की समीक्षाएं (5)

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रीना कुमारी प्रजापत 'मनस्वी' said

वाह वाह वाह क्या खूब लिखा है लाजवाब बेमिसाल.... सादर प्रणाम आपको🙏

Lekhram Yadav replied

आपका बहुत-बहुत हार्दिक धन्यवाद आपको सादर नमस्कार

सुप्रिया साहू said

समझ तो उसी दिन आयेगा जिस दिन हम अकेले हो जाएंगे वरना तो साथ में रहने से किसी चीज की कमी नहीं खलती, बहुत खूबसूरत रचना सर 👌👌, आपको सादर प्रणाम 🙏🙏।

Lekhram Yadav replied

आपका बहुत-बहुत हार्दिक धन्यवाद सुप्रिया जी आपको सादर नमस्कार

मनोज कुमार सोनवानी "समदिल" said

भैया जी सादर प्रणाम 🙏🌹🙏🙏 आप तो हमेशा मोहब्बत का बादल बरसाते हैं। दिल में प्रेम का हठ लिए , तड़पती दास्तां। खूबसूरत रचना 👌🌹🙏🙏 समझ आयेगा तुम्हें, अकेले रह जाओगे जिस दिन। वाह क्या ही सुन्दर भाव है। प्रेम का अनुभव तो तन्हाई में दिखता है। बेहतरीन रचना 👌🌹🙏

Lekhram Yadav replied

समदिल भाई हर कमेंट में आपका प्यार बारिश की तरह दिल को छू जाता है, आपका बहुत-बहुत हार्दिक धन्यवाद एवं स्वागत आपको सादर नमस्कार

सुभाष कुमार यादव said

बेहतरीन रचना यादव सर।👌👌🙏🙏

Lekhram Yadav replied

बहुत दिनों के बाद आपकी प्रतिक्रया नसीब हुई, ऐसा लगा जैसे कोई खोई हुई चीज दोबारा मिल गई, महफिल अधूरी रहती है आपकी अनुपस्थिति में नजर आते रहा करो भाई जी, आपको सादर नमस्कार

आदर्श भूषण said

वाह! अत्यंत भावपूर्ण एवं विरह-श्रृंगार से अनुप्राणित रचना। आपने प्रेम की प्रतीक्षा, तड़प, आशा और जीवन की अनुभूतियों को सहज तथा मार्मिक शब्दों में अभिव्यक्त किया है

Lekhram Yadav replied

आपका बहुत-बहुत हार्दिक धन्यवाद सर आपको सादर नमस्कार

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