घटा छाई
बादल उमड़े ।
वर्षा आई
चातक उड़े ।
पपिहा बोला
पीहू पीहू ।
कोयल कूकी
कू कू कू कू ।
मोर ने खोले
सुंदर पंख ।
नाच उठा
संग रंग-बिरंग ।
मंदिर में बज
उठा शंख ।
संध्या वेला
मधुर मृदंग ।
_______मनीषा सिंह

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

Show your love with any amount — Keep Likhantu.com free, ad-free, and community-driven.
The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
घटा छाई
बादल उमड़े ।
वर्षा आई
चातक उड़े ।
पपिहा बोला
पीहू पीहू ।
कोयल कूकी
कू कू कू कू ।
मोर ने खोले
सुंदर पंख ।
नाच उठा
संग रंग-बिरंग ।
मंदिर में बज
उठा शंख ।
संध्या वेला
मधुर मृदंग ।
_______मनीषा सिंह
© 2017 - 2026 लिखन्तु डॉट कॉम