Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of WordThe Flower of Word by Vedvyas Mishra
The Flower of WordThe novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas MishraThe Flower of Word by Vedvyas Mishra
Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The novel 'Nevla' (The Mongoose), written by Vedvyas Mishra, presents a fierce character—Mangus Mama (Uncle Mongoose)—to highlight that the root cause of crime lies in the lack of willpower to properly uphold moral, judicial, and political systems...The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra

कविता की खुँटी

                    

ये बदलती जिंदगी हैं, साहब

ये बदलती जिंदगी हैं, साहब
यहां लोग बदलते देखे जाते है।
प्यार व्यवहार और संस्कार मतलब के साधन है, यहां
समय आने पर नजरे चुराते देखे जाते है।
जो रोज हाल पूछा करते थे, जनाब
अब वो कहीं नजर नहीं आते है।
जो रोज सवाल किया करते थे,
वो अब जवाब लेने नही आते है।
सब मर गए या जिंदगी बदल ली, मुरसद
कब्रिस्तान में अकेले हैं देखने नही आते हैं।
ये बदलती जिंदगी है, साहब
यहां लोग बदलते देखे जाते हैं।।........

And continue......


---- #Seth Kundan




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रचना के बारे में पाठकों की समीक्षाएं (6)

+

देवनन्दन कुमार, "बरहथिया" said

यथार्थ जीवन पर आधारित सुन्दर रचना। बहुत बहुत धन्यवाद सर। सुन्दर प्रस्तुति के लिए। दिल से धन्यवाद। बहुत बहुत साधुवाद।

सेठ के• "आनन्द" replied

बहुत बहुत आभार आपका।
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आदित्य शेखर 'अनुगूँज' said

अत्यंत मार्मिक और यथार्थ से जुड़ी अभिव्यक्ति। 🌿
बदलते रिश्तों, स्वार्थ और समय की सच्चाई को आपने सहज किंतु गहरे प्रभाव के साथ शब्द दिए हैं। मन को सोचने पर विवश करने वाली उत्कृष्ट रचना। हार्दिक बधाई! 👏💐

सेठ के• "आनन्द" replied

बहुत बहुत धन्यवाद आपका
हाँ जो देखा वही लिखने की कोशिश की है।।

वन्दना सूद said

ये बदलती ज़िन्दगी है 👌👌बहुत सुंदर

सेठ के• "आनन्द" replied

बहुत बहुत धन्यवाद आपका

आदर्श भूषण said

वाह! बदलते रिश्तों और समय की सच्चाई को बहुत सहज शब्दों में व्यक्त किया है।

सेठ के• "आनन्द" replied

आपका बहुत बहुत धन्यवाद

रीना कुमारी प्रजापत 'मनस्वी' said

एक एक लफ़्ज़ सत्य है 👍 बहुत बढ़िया

सेठ के• "आनन्द" replied

बहुत बहुत धन्यवाद आपका 🤭

सुप्रिया साहू said

वाह....बदलते लोगों और बदलते जीवन का वास्तविक रूप को उजागर कर दिया आपने, बहुत खूबसूरत रचना कुंदन सर 👌👌, आपको सादर प्रणाम 🙏🙏।

सेठ के• "आनन्द" replied

बहुत बहुत आभार आपका
आपको भी सादर प्रणाम।

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