याद तेरी आए,
मैं कहाँ जाऊंगा,
याद तेरी आए,
मैं कहाँ आऊंगा,
यादों के भरोसे,
छोड़ दी मैंने,
आँखें अपनी,
यादों ने मुंह मोड़ा,
आँखों पर तरस ना आई कभी,
लफ़्ज़ों के भरोसे,
दुनिया लुटा दी मैंने सभी,
इक बार सुन लो तुम,
यादों से दिल कैसे लगाऊं में,
बेहद है मोहब्बत,
अब ये छोड़कर,
कहाँ जाऊं मैं,
तेरी चाहत में,
बरसों का हाथ लगा है,
नया दिल नहीं है,
जो दिल से दिल बना दे,
इश्क़ बिना काटूं कैसे,
दिन रात गुजरने की पीर,
याद तेरी आए,
मैं कहाँ आऊंगा,
गिरते हैं आँसू ,
ज़मीं की तन्हाई पे,
मैं भी बह गया हूं,
बहते आँसू के लहरों में,
गिरते गए आँसू,
रोकने का मन नहीं,
रोक लो तुम बहना,
आँसू में मैं भी हूँ,
तुमको ना लगा क्या,
मेरा दिल ज़िंदा कभी,
तुमको ना लगा क्या,
मैं भी सांसें लेता हूँ अभी भी,
ज़िंदा हूँ तभी तो,
आँखों में आँसू रूकते नहीं,
तुमसे प्रेम किया हूँ,
याद तुम्हारी ही आती है,
याद किसी की भी हो,
यादों में कहानी तुम्हारी ही नजर आती हैं,
तुम ना याद में नजर आए,
तो तोड़ दूंगा मन का महल अभी,
ज़िंदा तो मेरी साँसें हैं,
मैं तो हूँ , प्रेम की नैतिकता।
मुझे तुम प्रेम का वनवासी,
विश्वासी, संन्यासी, आदिवासी,
पुराना ज्ञान, खंडहर, मौत का भरोसा मान लो,
पर मुझे तुम कोई याद मत दो,
जहाँ तुम्हें छोड़कर जाना हो,
दूर हो,
फिर मैं तुम्हें याद करूं,
बस फिर मैं क्या निर्भर नहीं हूँ तुम्हारा,
याद तेरी आए,
मैं कहाँ जाऊंगा।।
- ललित दाधीच


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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