वक़्त का आइना
डॉ. एच सी विपिन कुमार जैन विख्यात
आइना तो वक़्त भी है, जो गुज़रे पल दिखाता है,
बचपन की वो हँसी-ठिठोली, जवानी का वो नाता है।
ये बालों की सफेदी भी, और चेहरे की वो ढीली खाल,
बताता है कि बीत गया सब, जैसे कोई सपना था तत्काल।
ये रिश्तों की गर्माहट भी दिखाता, और दूरियों की वो खाई,
ये यादों के धुंधले मंज़र भी, पल भर में ले आए।
जो कल थे संग तुम्हारे, आज कहाँ हैं वो सितारे,
वक़्त के इस आइने में सब, धुंधले से लगते हैं नज़ारे।
इसलिए जब देखो इसको, तो सीखो कुछ सबक भी,
ये बीतता हुआ जीवन है, नहीं रहेगा कभी भी।
हर पल को जी लो खुलकर तुम, हर रिश्ते को सम्मान दो,
वक़्त का ये आइना तो बस, सच्चाई का है गवाह सुनो।


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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