उसे ढूंढने निकल पड़ो, जिस मंज़िल का पता नहीं
यह सड़क कहां तक जाएगी, तुम भी जान जाओगे
मैं जब भी तुमसे रूठा तो, फिर खुद ही मान गया
यह सोच कर उम्र गुजारी दी, तुम भी मान जाओगे
कभी फुर्सत मिली तो गिनूंगा उम्र भर की गलतियां
पहली से लेकर आखिरी, बस तुम ही याद आओगे
मरने का फैसला भी यह सोच कर टाल दिया फिर
अगर मर भी गया तुम, मुझे कब्र में भी सताओगे
© छगन सिंह राजस्थानी


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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