उम्मीद अब नहीं कोई तेरी उम्मीद से ऊपर,
तेरी ही दीद ठहरी है हर एक दीद से ऊपर।
तेरी आवाज़ की खुशबू अभी तक साथ है मेरे,
कोई लहजा नहीं ठहरा तेरी ताकीद से ऊपर।
बड़ी ख़ामोशियों में भी तेरा अहसास बाक़ी है,
कोई साया नहीं ठहरा तेरी तौहीद से ऊपर।
तेरे एहसास की नरमी में भीगी-सी ये तन्हाई,
कोई लम्हा नहीं ठहरा तेरी ताईद से ऊपर।
जो दिल पे बीत जाती है, वो अल्फ़ाज़ क्या समझें,
कोई एहसास नहीं ठहरा इतना शदीद से ऊपर।
शाद दिल को तेरी चाहत ही काफ़ी है,
कोई रिश्ता नहीं ठहरा तेरी उम्मीद से ऊपर।
डाॅ फ़ौज़िया नसीम शाद


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







