दिल में कांटे चुभोकर, जो
हरदम रुलाया करते हैं,
उनका शुक्रिया!
दर्द के आंसू पोंछकर, जो,
अक्सर हंसाया करते हैं,
उनका शुक्रिया!
आसान आसान रास्तों पर, जो
कंकड़ बिछाया करते हैं,
उनका शुक्रिया!
मंजिल की राही के लिए,जो
बाधाएं हटाया करते हैं
उनका शुक्रिया!
आंखों से निकली मोती को,जो
हथेली में सजाया करते हैं,
उनका शुक्रिया!
फूल तन्हाई का देकर,जो
प्रीत सीखाया करते हैं,
उनका शुक्रिया!
खुशी - गम,कड़वा - मीठा,
प्यार - नफरत, फूल - कांटे,
सब जीवन के मायने हैं
वक्त और हालात, जो
सब कुछ सीखाया करते हैं,
उनका शुक्रिया !!
यह रचना, रचनाकार के
सर्वाधिकार अधीन है
सर्वाधिकार अधीन है


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







