तेरे आने से, जीने की आरजू आती है
जिस राह चलती है, मिट्टी से खुशबू आती है!
तुझे देख,जब, आंखें बंद करें
हूर-ए-जन्नत, रू-ब-रू आती है!
सुनकर तेरी, वो मखमली आवाज,
दिल में चैन, आंखों में सुकूं आती है!
चांद तो अब,झूठा झूठा लगता है,
अर्श पर सिर्फ,नजर तू-ही-तू आती है!
ख़ामोश फिज़ा और, हों तन्ह तन्हा
इधर से तू और ऊधर से तू आती है!
सर्वाधिकार अधीन है


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







