हम जिन्हें ढूंढ़ते हैं वो तन्हा तो नहीं
पर हमसे ख़फ़ा -खफा से है
जिंदगी यूं हीं तन्हा गुज़रती रहीं
अंखियों में बन कर ख्वाब
सिमटती रहीं
✍️#अर्पिता पांडेय

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
हम जिन्हें ढूंढ़ते हैं वो तन्हा तो नहीं
पर हमसे ख़फ़ा -खफा से है
जिंदगी यूं हीं तन्हा गुज़रती रहीं
अंखियों में बन कर ख्वाब
सिमटती रहीं
✍️#अर्पिता पांडेय
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