तुम मिलते मुझे थोड़ा-थोड़ा,
हम मुस्कुरा लेते थोड़ा-थोड़ा,
जिंदगी कटती थोड़ी खुशी से,
हम भी इतरा लेते थोड़ा-थोड़ा,
सदाबहार गानों के जैसे ही सही,
हम भी महक लेते थोड़ा-थोड़ा,
ये दिल के मयखाने में होते तुम,
हम दिल लगा लेते थोड़ा-थोड़ा,
तुम होते कोई अमृत “सुप्रिया”
हम पी के तर जाते थोड़ा-थोड़ा....।।
- सुप्रिया साहू


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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