Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of WordThe Flower of Word by Vedvyas Mishra
The Flower of WordThe novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas MishraThe Flower of Word by Vedvyas Mishra
Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The novel 'Nevla' (The Mongoose), written by Vedvyas Mishra, presents a fierce character—Mangus Mama (Uncle Mongoose)—to highlight that the root cause of crime lies in the lack of willpower to properly uphold moral, judicial, and political systems...The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra

कविता की खुँटी

                    

काश बन-संवर तू तैयार हो और आईना देखे

कत्ल हुआ हैं तो चीखे भी निकलनी चाहिए
गुनहगार हैं तो फिर सज़ा भी मिलनी चाहिए

रहा नहीं जाता ज़ब वो नितरने में देर लगाए
चाय ज़ब छने तो छलनी से ही छननी चाहिए

कहीं यूँ न हो मैं क़रीब आऊँ तू बेक़रार न हो
मिलन की साज़ में साँसे भी बहकनी चाहिए

काश बन-संवर तू तैयार हो और आईना देखे
सूरत देखे तो आईने की कोरे चटकनी चाहिए

इश्क़ की ज़िद में अपना सब गँवा बैठे कृष्णा
ज़िस्म ख़ाक हुआ तो रूह भी निकलनी चाहिए..
-कृष्णा शर्मा




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रचना के बारे में पाठकों की समीक्षाएं (4)

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Lekhram Yadav said

कभी जुर्म के खिलाफ आवाज तो कहीं खुद की बेकरारी और कहीं प्रीतम के लिए इशक की जिद का एहसास दिलाती एक खूबसूरत रचना, आपको सादर नमस्कार।

कृष्णा शर्मा replied

बहुत-बहुत शुक्रिया ☺️🙏
सादर प्रणाम ☺️🙏

सुप्रिया साहू said

इश्क़ में मिले दर्द जो रह-रहकर सताती है, टूट के संभलना शायद बहुत मुश्किल है, बहुत खूबसूरत रचना मैम 👌👌, आपको सादर प्रणाम 🙏🙏।

कृष्णा शर्मा replied

बहुत-बहुत शुक्रिया ☺️🙏
सादर प्रणाम ☺️🙏

पवन कुमार "क्षितिज" said

bahut hi behtreen..kya baat hai..👌😊

कृष्णा शर्मा replied

बहुत-बहुत शुक्रिया ☺️🙏
सादर प्रणाम ☺️🙏

मनोज कुमार सोनवानी "समदिल" said

एक गुनहगार तो इश्क करने वाला भी होता है उसे भी सजा मिल ही जाती है। यथार्थ को परोसती सुंदर भावपूर्ण रचना। सादर अभिनन्दन 🙏🌹🙏

कृष्णा शर्मा replied

बहुत-बहुत शुक्रिया ☺️🙏
सादर प्रणाम ☺️🙏

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