तू बहुत खूबसूरत ना सही
पर इस दिल को लगती बहुत है।
तेरी खुशबू आम सी पर इस दिल को
जचती बहुत है।
तेरी चाल कोई हिरण सी या तू मृगनयनी
नहीं है।
पर मेरे दिल को तू लगती भली है।
तू कोई कली नहीं कचनार नही
पर तू लगती इस दिल को सही है।
तू जैसी भी है इस दिल को लगती तू ठीक है ।
बदलना नहीं है संवरना नहीं है
अदाओं में कोई फेर बदल करनी नहीं है।
तू क्यूं बदलेगी मेरे लिए
किया है मुहब्बत कोई अपराध नहीं
दे तू अब ऑर्डर अब कोई फ़रियाद नहीं।
है मुहब्बत एक खुशनुमा एहसास
इसे जाती धर्म में बांधना नहीं है।
प्यार तो प्यार है यार
कोई शर्त थोड़े ही है..
कोई शर्त थोड़े ही है....


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







