नवा नवा मया के रस मैं तोर बर घोरे हो,
तै आबे कईके डुबकी साग चिभोरे हो...।।
अब्बड़ गर्मी चलत हे मोर मयारू,
तोर बर करसी के पानी जोरे हो...।।
एक छीन म घाम एक छीन म पानी,
संग संग चलबो भगवान ले विनती करे हो...।।
सुन्ना बगईचा म तोर मन के फुलवारी लगाए हो,
महकही तोर हिरदय ह दिल के नाता ऐसे जोरे हो....।।
- सुप्रिया साहू


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







