तुम सिर्फ़ मुझसे ख़फ़ा होते तो कोई बात नहीं
मुझे रंज है तुमने रंजिश सरेआम किया
जबकि बात भी तो थी बहुत छोटी सी
फिर क्यूंँ तुमने इस तरह इंतक़ाम लिया
कुछ तो मलाल करो अपनी नासमझी पर
फिर मत करना किसी को जैसे मुझको बदनाम किया

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
तुम सिर्फ़ मुझसे ख़फ़ा होते तो कोई बात नहीं
मुझे रंज है तुमने रंजिश सरेआम किया
जबकि बात भी तो थी बहुत छोटी सी
फिर क्यूंँ तुमने इस तरह इंतक़ाम लिया
कुछ तो मलाल करो अपनी नासमझी पर
फिर मत करना किसी को जैसे मुझको बदनाम किया
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