विषय - आधुनिक दहेज प्रथा
शीर्षक - नारी का मौल
दहेज प्रथा को लाकर तुम,
नारी का मौल करते हो,
अपने बेटे की कीमत तुम,
दहेज से तय ये करते हो।
जब अपनी बेटी दोगे किसको,
दहेज कहां से लाओगे,
बेच दोगे घर को या,
कर्ज लेकर आओगे।
संकीर्ण मानसिकता वाले लोग,
दहेज प्रथा को समाप्त करों,
अपने बच्चों का भविष्य,
दहेज प्रथा से न मौल करों।
बेटियां बोझ नहीं होती है,
दहेज प्रथा को खत्म करों,
अपनी बेटी को भी तुम,
पढ़ा लिखाकर बढ़ा करो।
अंत करो हां अंत करों,
ऐसी सोच को न रखों,
दहेज लेना छोड़ कर,
मानवता का बीज बोओ।
लेखिका कवि-नीतू धाकड़ अम्बर नरसिंहगढ़ मध्यप्रदेश


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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