मेरी राधा बन जाती है
ना जाने कितनी राधाएं इश्क में गुम हो जाती हैं
प्रीतम को पा कर भी खुद आधा तन हो जाती हैं
अर्पित कर देती हैं खुद, वो प्रेम पाश में बंध कर
वो बन कर प्रेम पुजारिन मेरी राधा बन जाती हैं
वो राह देखती है मेरी मैं जब तक नजर नहीं आऊं
जब राह देखके थक जाए वो मीरा बन जाती है
वो कहती है आसान नहीं इश्क में राधा बन जाना
मेरे इश्क में खोई, हर औरत राधा बन जाती है
बदनाम हुई इल्ज़ाम सहे केवल मुझको पाने को
रानी बनने का ख्वाब चुने तो राधा बन जाती है
कम से ज्यादा हो जाए जब घायल मन की पीड़ा
ऐसे में एक प्रेम दीवानी, मेरी राधा बन जाती है
कुछ लोग मोहब्बत करके मशहूर हो गए यादव
ऐसे ही कुछ लोगों की चर्चा जग में हो जाती है
सर्वाधिकार अधीन है


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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