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Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of WordThe Flower of Word by Vedvyas Mishra
The Flower of WordThe novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra

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The novel 'Nevla' (The Mongoose), written by Vedvyas Mishra, presents a fierce character—Mangus Mama (Uncle Mongoose)—to highlight that the root cause of crime lies in the lack of willpower to properly uphold moral, judicial, and political systems...The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra

कविता की खुँटी

                    

एक पल सुख से जीने दो

एक पल सुख से जीने दो

छोङो तुम ये मनमानी एक पल तो मुझ को जीने दो

छोङो तुम यह तृष्णाएं एक पल तो सुख से जीने दो

यूंही आपस में लङते रहे तो कैसे ये धरा बच पाएगी

मत चीरो धरती का सीना एक पल सुख से जीने दो

ये धरती और धन दौलत, सब रह जाता है यहीं पर

साथ नहीं कुछ भी जाता है इस को यहीं पे रहने दो

राजा रंक सभी दुनियां से खाली हाथ ही चले गए

तू क्या तेरी हस्ती क्या अब चैन से मुझको जीने दो

क्या तुम जीवन दे सकते हो ओ जीवन लेने वाले

छोङो अपनी ये हठधर्मी तुम सबको सुख  से जीने दो

हिन्दू, मुस्लिम और ईसाई रक्त एक सा है सब का

अधिकार एक से हैं सबके खुल कर सब को जीने दो

युद्ध से कर सकते हो तुम कब्जा केवल सीमाओं पर

दिल पर राज करो तो जानें मिल के सब को जीने दो

सत्य अहिंसा दया धर्म है आधार यही इस  जीवन का

वसुधैव कुटुम्बकम को अपना कर सब को ही जीने दो

कितनी सम्पत्ति नष्ट हुई, जीवन कितने खाक हुए

तुमको दौलत से मतलब है कोई रोता है तो रोने दो

अपने स्वार्थ के लिए तुम, लङते आए हो सदियों से

रोको तुम इन युद्धों को, मत घूंट जहर का पीने दो

बार-बार युद्ध करके अब ये धरती कहां बच पाएगी

सांसों के थमने से पहले, एक पल मुझ को जीने दो

तुम अपने-अपने मसलों को मिल के हल करना सीखो

क्या कहें अब तुम्हें यादव सब को प्यार से जीने दो


यह रचना, रचनाकार के
सर्वाधिकार अधीन है


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रचना के बारे में पाठकों की समीक्षाएं (4)

+

रीना कुमारी प्रजापत said

बहुत बढ़िया सादर प्रणाम आपको 🙏

Lekhram Yadav replied

आपका बहुत-बहुत हार्दिक धन्यवाद एवं सादर नमस्कार।

कृष्णा शर्मा said

👏👏👏
बहुत खूबसूरत

Lekhram Yadav replied

आपका बहुत-बहुत हार्दिक धन्यवाद मैम आपको सादर नमस्कार।

वन्दना सूद said

बहुत सही मुद्दे को उठाया आपने sir
बहुत सुंदर 🙏🙏👏👏काश सबको समझ आए आप की बात

Lekhram Yadav replied

आपका बहुत-बहुत हार्दिक धन्यवाद एवं आभार वन्दना जी आपको सादर नमस्कार।

मनोज कुमार सोनवानी "समदिल" said

विश्व में अपनी संप्रभुता का बहाना बनाकर युद्ध को बढ़ावा देने वाले देशों को करारा संदेश। सटीक और सुंदर रचना 👌👌🙏🙏 सादर प्रणाम

Lekhram Yadav replied

आपका बहुत-बहुत हार्दिक धन्यवाद समदिल भाई, आपको सादर नमस्कार।

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