हमारी आंखों को
कटार -वटार न कहा करो
साथ निभाने को
प्यार -व्यार न कहा करो
पड़ोसन को देख देख
थोड़ी नौटंकी हम भी कर लेते हैं
इतनी छोटी सी गलती को
तकरार - वकरार न कहा करो
हमें पता है, आपकी शर्ट की बटन
क्यों टूट जाया करती है
नाम लेकर बुलाया करो
यार - व्यार न कहा करो
अपना मन रखने, आपको
कुछ भी सुनाते रहते हैं
हमारी तीखी जुबान को
तलवार - वलवार न कहा करो
हम ठहरे गांव की भोली भाली
होती क्या आंखें मतवाली
आपकी मुस्कान की चाहत को
इंतजार - विंतजार न कहा करो
हम तुम्हारे चरणों की दासी
तुम हमारे मन का राजा
हमको बार बार अपना
संसार - वंसार न कहा करो।।
( गांव की एक निश्छल चंचल मन वाली लड़की और एक पढ़ें लिखे समझदार लड़के की प्रीत बंधन की पावन एहसासों की कहानी)
सर्वाधिकार अधीन है


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







