ज़िंदगानी में ऐसा हाल न हो।
तुमको खोकर मुझे मलाल न हो॥
मुख़्तलिफ़ लोग साथ रह लेंगे,
दरमियां सोच का बवाल न हो।
भीग जाएगा अश्को से दामन ।
मेरे हाथों में गर रुमाल न हो ।
ज़िंदगी पर यकीन आ जाता,
मौत का गर हमें ख्याल न हो।
----डाॅ फौज़िया नसीम शाद

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
ज़िंदगानी में ऐसा हाल न हो।
तुमको खोकर मुझे मलाल न हो॥
मुख़्तलिफ़ लोग साथ रह लेंगे,
दरमियां सोच का बवाल न हो।
भीग जाएगा अश्को से दामन ।
मेरे हाथों में गर रुमाल न हो ।
ज़िंदगी पर यकीन आ जाता,
मौत का गर हमें ख्याल न हो।
----डाॅ फौज़िया नसीम शाद
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