“माँ”शब्द को कैसे बयान करें हम,
कुदरत ने उसे ऐसी भावनाओं से सजाया है
जो अपने बन्धनों को चाहकर भी कभी तोड़ नहीं सकती ।
कितना अनोखा माँ का यह चरित्र बनाया है,
गर्भधारण की ख़बर से ही जो ममतामयी हो जाती है।
प्रसव पीड़ा को भी मातृत्व प्रेम से सह जाती है,
स्नेह की ऐसी चादर ओढ़ाती है
जो कभी छोटी नहीं पड़ती।
माँ केवल एक रिश्ता नहीं,
ईश्वर का दिया सबसे अनमोल उपहार है।
वन्दना सूद
सर्वाधिकार अधीन है


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







