लहरों का मौसम है,
लहरों से बचके रहिये !!
जानलेवा है आग-पानी,
इसे हल्के में ना लीजिये !!
पिकनिक के मौसम में,
मनमाफ़िक घूमिये बेशक़ !!
पर लौटना भी है घर,
हो सके तो ये ना भूलिये !!
लहरों से न अपना रिश्ता,
सागर हो..नदी या नाले हों !!
सेल्फी के चक्कर में,
ना रिस्क ज्यादा लीजिये !!
- वेदव्यास मिश्र
यह रचना, रचनाकार के
सर्वाधिकार अधीन है
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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







