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Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of WordThe Flower of Word by Vedvyas Mishra
The Flower of WordThe novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra

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The novel 'Nevla' (The Mongoose), written by Vedvyas Mishra, presents a fierce character—Mangus Mama (Uncle Mongoose)—to highlight that the root cause of crime lies in the lack of willpower to properly uphold moral, judicial, and political systems...The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra

कविता की खुँटी

                    

मीरा सा प्रेम

ख़्वाबों में चुपके-चुपके बातें में आपकी सुनूंगी,
पूछेंगे आप पर मैं आपसे ना कुछ कहूंगी।
ये मीरा सा प्रेम है मेरा आपसे,
और मैं इसी तरह आपसे प्रेम करती रहूंगी।


मीरा सा प्रेम सिर्फ़ मीरा ही कर सकती हैं
उन सा प्रेम करना हर किसी के बस की बात नहीं।
मैं तो बस कोशिश कर रही हूॅं।
कि मीरा तो नहीं पर थोड़ा कुछ ऐसा ही प्रेम
करने वाली रीना बन सकूं।


आप हमारे हृदय में बसते हैं वैसे,
जैसे मीरा के कान्हा बसते थे
रूह से क़रीब है आप मेरे,
पर ज़िस्म से उतने ही दूर जितने कि
मीरा से कान्हा थे।


जैसे पूजती थी मीरा कान्हा को वैसे ही
मैं आपको पूजती हूॅं,
जैसे देखती थी मीरा कान्हा को वैसे ही
मैं आपको देखती हूॅं।
फिर भी फ़र्क़ बहुत है हमारी पूजा में,
वो जिन्हें पूजती थी वो भगवान थे मैं जिन्हें
पूजती हूं वो एक आम इंसान हैं
पर फिर भी मेरे तो भगवान हैं।


💐 रीना कुमारी प्रजापत 💐


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सर्वाधिकार अधीन है


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रचना के बारे में पाठकों की समीक्षाएं (5)

+

मनोज कुमार सोनवानी "समदिल" said

मीरा सा निश्छल निर्मल प्रेम भक्ति और समर्पण की पराकाष्ठा है। अतिसुंदर कविता प्रस्तुत किया आपने। वाह।। पढ़ कर सचमुच हृदय गदगद हो गया। रीना जी सादर प्रणाम 🙏🌹

रीना कुमारी प्रजापत replied

बहुत बहुत आभार आपका🙏 सादर प्रणाम महोदय

ललित दाधीच said

Kya बात है, रीना जी, बहुत खूबसूरत पंक्तियाँ, मीरा को हकीकत में ना देख पाए लेकिन आपकी यह कविता पढ़कर, बहुत अच्छा लगा, ऐसे ही लिखते रहें।
आपने पूछा था ना कि आपका exam कैसा हुआ, रीना जी, पेपर toh हमारी तैयारी के अनुसार ही था, पर हमारे exam center पर 30 minutes light off हो गयी थी, जनरेटर भी नहीं चला, फिर हमारे रूम की घड़ी 30 minutes पीछे थी, वीक्षक महोदय ने अपनी घड़ी से 12 बजकर 10 minutes पर बताया कि ये घड़ी 30 minutes पीछे है, तब उस घड़ी में 11 बजकर 30 minutes हुए थे, चलो ये सहन था, लेकिन रीना जी, uss exam के time ही flying आती है, 20 minutes तक सबसे ek एक सवाल पूछती है, पेपर नहीं करने देती है, ताज्जुब तब हुआ कि पेपर का बॉक्स ही 10 बजकर 5 minutes पर open हुआ, ये इसलिए पता है क्यूंकि जब पेपर box ओपन नहीं किया था तब तक 10 बजे की घंटी बज चुकी थी, चलो सब ठीक, लेकिन लास्ट के जो e option के 10 minutes मिलते हैं वो भी नहीं मिले, ab aap ही सोचो कि 1 hours में कैसे 600 question होंगे, है तो पेपर 150 question का लेकिन उनका पैटर्न 600 question जेसा था, ये इसलिए बताया कि कोई भी नया aspirants हो वो सतर्क रहें, बाकी परेशान इसलिए नहीं हूं कि रिजल्ट क्या होगा , परेशानी यह है कि भगवान कम से कम पेपर तो करने देता, तो teacher के लिए time ही toh important है, agar वो ही ये system barbaad कर दे तो फिर से उठना, बहुत मुश्किल होता है, बाकी बस।

रीना कुमारी प्रजापत replied

Bahut bahut shukriya aapka 🙏 Ji bilkul sahi kaha sir ji aapne ye bahut hi bura huaa bahut taqleef deti hai ye chizein..jis par bitati hai wahi janta hai ki kya hai.. lekin main vandna ji ki baat se purnataya sahmat hu waqt se phle or naseeb se zyada kabhi kisi ko kuch nahi milta ye sahi hi hai mera experience bhi yhi hai sir ji to jab jo milna hoga wahi milega fikra mat kijiye sir ji agar ye job aapke nseeb mein hai to koi flying ya light ise nhi rok skti bas waqt par hi milegi shayad waqt nhi aaya abhi ya bhagwan ne kuch or tay kar rkha ho🙏🙏honi ko koi nhi taal skta.. par system ki jo ye laparwahiya hai ise sab tak phunchana bahut zaruri hai...

जयश्री विलास जोधंळे said

बहुत सुंदर रचना,

रीना कुमारी प्रजापत replied

शुक्रिया जी

वन्दना सूद said

बहुत सुंदर रचना 👌👌👏👏sorry,रचना पढ़ते हुए कहीं रीना नज़र नहीं आई , मीरा जी को ही सोचने लगे । इसका मतलब है कि बहुत सुंदर भाव से लिखा इसलिए जिनसे तुलना कर रहे हो उन्हीं तक पहुँच गए 👌👌

रीना कुमारी प्रजापत replied

बहुत बहुत शुक्रिया दीदी😊🙏

वन्दना सूद said

ललित जी , भगवान टाइम नहीं देना चाहते थे इसलिए नहीं मिला और अगर आपको टाइम देना चाहते तो कोई उन्हें रोक नहीं सकता था । क्या पता आपको कोई ओर दिशा ले जाना चाहते हो जो आप देख नहीं पा रहे हो

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