खुद से दुश्मनी और
मुसीबतों से यारी कर लो
मोहब्बत हो गयी है तो
इतनी तैयारी कर लो
जाने कब और कहां,
कौन सा ज़ख्म चीर जाए
दर्द सहने के लिए
अपना सीना भारी कर लो
जीना भी पड़ेगा अपनी
टूटे हुए दिल के साथ
ज़माने के खौफ से
अपनी पहरेदारी कर लो
मां ,बाप,भाई,यार,
खफा होकर भी साथ देंगे
अपनों के बीच में ही
थोड़ी होशियारी कर लो
कर सको ,अगर चालाकी,
तो,प्यार में सब लाजमी है
दिल को नादान बना लो
बस, इतनी तैयारी कर लो।।
यह रचना, रचनाकार के
सर्वाधिकार अधीन है
सर्वाधिकार अधीन है


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







