दर्द जब हद से बढ़ता है तब आँसू कोई पी नहीं पाता है
फिर हाल-ए- दिल बगैर बताए रह नहीं पाता है
जबकि टूटा हो दिल अपनों से तो ख़ामोशी बेहतर है
ये अलग बात कि ज़ख्म नासूर बन जाता है

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

Show your love with any amount — Keep Likhantu.com free, ad-free, and community-driven.
The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
दर्द जब हद से बढ़ता है तब आँसू कोई पी नहीं पाता है
फिर हाल-ए- दिल बगैर बताए रह नहीं पाता है
जबकि टूटा हो दिल अपनों से तो ख़ामोशी बेहतर है
ये अलग बात कि ज़ख्म नासूर बन जाता है
© 2017 - 2026 लिखन्तु डॉट कॉम