कविता : आदमी बनो....
आदमी हो तो
आदमी बन जाओ
जिंदगी में किसी न
किसी के काम आओ
अपना खयाल
हर कोई करता है
अपना पेट तो
कुत्ता भी भरता है
सिर्फ अपने लिए न खाना
सीखो न तो पीना सीखो
अगर आदमी हो तो
दूसरों के लिए जीना सीखो
अगर आदमी हो तो
दूसरे के लिए जीना सीखो.......
netra prasad gautam


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







