बिजली क्या गुल हुई,
खोटे सिक्के भी चल गए बाजारों में।
पद हैं, सरकारी।
उस पर वो अधिकारी।
चर्चा है, गलियारों में।
जांच कमेटी ने दिया है, बड़ा बयान।
ऊपरी कमाई को ,आयकर में नहीं जोड़ रहे हैं।
नकद लेकर ,अपनी तिजोरी को भर रहे हैं।
तीनों भ्रष्टाचारी,भूमिगत हो गए हैं।
हाजिरी लगाकर,चुपके से निकल गए हैं।
खोज अभी जारी है,खोजी कुत्ते जगह-जगह सूंघ रहे हैं।
मामला करोड़ों का है,
नाली सहित गटर के ढक्कन उठाकर भी ढूंढ़ रहे हैं।
ये क्या, कूड़े के ढेर में हलचल हुई।
खोजी कुत्ते के मुंह में एक भ्रष्टाचारी की टांग हुई।


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







