"चुप तो सब हैं,
बोलता कौन है,
जिंदगी में रहते सभी हैं,
जीता कौन है। ।"
- ललित दाधीच
- सच तो सब जानते हैं, हमारा कवि मंच चाहे likhntu.com ho चाहे अमर उजाला काव्य, यहाँ वही लोग ही तो रचना प्रकाशित करवाते हैं, जो सत्य से प्रेम करते हैं औऱ दिन रात विचारों को बुनते हैं पर कमी ये है कि हम सभी की जिन्दगियों में कुछ ना कुछ संघर्ष पनपता ही रहता है, तो जैसे अशोक जी उस संघर्ष से लड़ते रहे पर सच और ईमानदारी के लिए जीते रहे, हम सच कहने वालो को हम सभी को ये जिन्दगी जीने और बोलने के लिए प्रताड़ित करती रहेगी पर, हम कवयित्री और कवियों का लेखन रुकेगा नहीं। ।
"हम जिंदा ही इसलिए क्योंकि ये कलम, सच और आवाज हमारे साथ है"


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







