तुम्हें मेरा है इंतजार ,जरा हक से कहना!
ये दिल है बेकरार ,जरा हक से कहना!
सपने सितारों वाली, नहीं चाहिए मुझे अब
आंखों में तुम रहो यार,जरा हक से कहना!
दो पल की ही खुशी में, सदियां जी लूंगा मैं
बस, इतना करो निसार,जरा हक से कहना!
दिल की दहलीज को,बिना खटखटाए आना
करना नहीं कभी करार,जरा हक से कहना!
सातों वचन तो, यूं यूं यूं , यूं ही निभ जाएगी
जैसे हो वैसे ही रहना यार,जरा हक से कहना!
यह रचना, रचनाकार के
सर्वाधिकार अधीन है
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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







