धर्म कोई जड़ वस्तु नहीं,
कोई पत्थर नहीं,
जिसे जहाँ रख दें,
वहीं ठहर जाए।
धर्म भी प्राणी की तरह है,
उसकी भी एक निश्चित आयु है।
समय के बदलाव के साथ
वह भी नई श्वास लेता है,
समय के साथ आगे बढ़ता है,
परिस्थितियों के अनुसार
बदलता भी है।
कितनी ही प्रथाएँ
समय के साथ बदल गईं,
यह धर्म के जड़ न होने का
जीवंत प्रमाण है।
धर्म तो हमें
जीवन का सही मूल्य बताता है,
हमारे ग्रन्थों की
यही तो गाथा है।
इन्हें लड़-झगड़कर
नष्ट नहीं करना है,
बल्कि समयानुसार
छूटते वक़्त को सम्मान से विदा कर,
धर्म को केवल विरासत नहीं,
आने वाली पीढ़ियों के लिए
सहेज कर एक मार्गदर्शक बनाना है।
वन्दना सूद
सर्वाधिकार अधीन है


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







