सशर्त जी लूँगा जिंदगी,
तुम्हारे उसूलों को पी लूँगा जिंदगी,
तुम सताने आओगे तो मैं,
खुद स्वागत करने आऊंगा जिंदगी,
तुम जैसी रहोगी वैसे रह जाऊँगा जिंदगी,
तुमसे कोई शिकायत नहीं करने आऊंगा जिंदगी,
तुम्हें मोहब्बत मुझे नहीं देनी है तो,
अपने पास रख लेना जिंदगी,
कोई भी मजबूरी में मत रहना जिंदगी,
जो तुम्हें मुझसे चाहिए वो बिना बताये ले लेना जिंदगी,
तुम्हें मेरी यात्रा ही पसंद ना हो तो मुझे छोड़ देना जिंदगी,
जितने दिन मुझे रखना चाहो उतने ही दिन रहना जिंदगी,
जिस हाल में तुम मौत को सौंप देना चाहती हो जिंदगी,
बिना हिचके मौत मुझे ले लेना,
किसी बात से परेशान न होना जिंदगी। ।
- ललित दाधीच


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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