मैंने तुम्हें जरूरत , हद से ज्यादा चाहा,
इसलिए आज अकेले में मुझे रोना पड़ रहा है,
मुझे नहीं मालूम नहीं था कि,
लोग दिल से नहीं अपनी जरूरत से प्यार करते हैं,
----धर्म नाथ चौबे मधुकर
(9038539763)

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
मैंने तुम्हें जरूरत , हद से ज्यादा चाहा,
इसलिए आज अकेले में मुझे रोना पड़ रहा है,
मुझे नहीं मालूम नहीं था कि,
लोग दिल से नहीं अपनी जरूरत से प्यार करते हैं,
----धर्म नाथ चौबे मधुकर
(9038539763)
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