बेशक, शहरों की दूरियाँ
रिश्तों को दूर ले गईं,
पर कभी मन की दूरियाँ न बना पाईं।
आज अचानक एक विचार आया
कि दस साल हो गए
भाई की कलाई पर रक्षासूत्र स्वयं बाँधे हुए,
पर हर बार ऐसा ही लगा
मानो कोई साल उसके साथ के बिना बीता ही न हो ।
एक खूबसूरत सत्य यह है
कि ये दिल के रिश्ते हैं,
जो हर सुख-दुख की दहलीज़ पार कर,
एक सुंदर भाव से सजे हुए हैं,
जो दूर होकर भी बेहद नज़दीक हैं।
ऐसा अनमोल रिश्ता
जिसकी गहराई
हकीकत से कहीं परे है।
जो न कभी भुलाए जा सकते हैं
और न ही कभी खोए जा सकते हैं।
एक ऐसा एहसास है
जिसे उम्र का हर पड़ाव
अपने साथ ज़िंदा रखता है।
वन्दना सूद
सर्वाधिकार अधीन है


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







