रिश्ते बना तो लिए थे हमने बड़े नाज़ से,
पर उन्हें सम्भाल नहीं पाए, इसका मलाल है।
अपनी जान लगा दी निभाने में हमने,
फिर भी कमी रह गई, इसका मलाल है।
सोचा था ये रिश्ता अंत तक चलेगा,
पर ये भी अधूरा ही रहा, इसका मलाल है।
कुछ वक्त साथ रह दूर हो जाते हैं सभी,
कभी कोई पूरा साथ निभाता नहीं, इसका मलाल है।
हमने जी जान से चाहा उसे, कभी कोई दर्द ना दिया,
पर आज उसने दिल तोड़ ही दिया, इसका मलाल है।
कमबख़्त इतना प्यार देने पर भी कहती है कि दर्द में है,
और हमारे प्यार और फ़िक्र में खोट निकालती है,इसका मलाल है।
:- रीना कुमारी प्रजापत✍️✍️
यह रचना, रचनाकार के
सर्वाधिकार अधीन है
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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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