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Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of WordThe Flower of Word by Vedvyas Mishra
The Flower of WordThe novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra

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The novel 'Nevla' (The Mongoose), written by Vedvyas Mishra, presents a fierce character—Mangus Mama (Uncle Mongoose)—to highlight that the root cause of crime lies in the lack of willpower to properly uphold moral, judicial, and political systems...The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra

कविता की खुँटी

                    

हमने ईश्वर को

हमने ईश्वर को
कभी देखा नहीं है,पर
महसूस किया है -
नवशिशु की नवरूदन सुन
वात्सल्य से सराबोर हो
अनंत, अनभिज्ञ, अलौकिक
निश्छल निर्मल खुशी
ममता की नयन गघरी से
जब छलक छलक जाती है,तब
असीम दर्द से टूटी हुई,पर
मुस्कराती मां के चेहरे पर,

हमने ईश्वर को
महसूस किया है -
हमारी रग रग में,रोम रोम में,
हर सांस में,हर धड़कन में
धमनियों में, शिराओं में
हरेक इंद्रियों में,रक्त की बूंद बूंद में,
तन-मन के कण कण में
नव ऊर्जा संचारित करने
उदयाचल से लंबी यात्रा कर
हमारी ओर आती हुई
सूरज की सुनहरी किरणों में,

हमने ईश्वर को
महसूस किया है -
लंबे समय के लिए
हरियाली को, आमंत्रित करती
किसलय की मुस्कान में,
मन को शीतलाती
पूर्णिमा की चांदनी में,
समीर की रागिनी में,
अग्नि की मीठी तपन में,
आकाश की रिक्तता में ,
मृदा की सुरभि में,
अंबु की अमियता में।।


यह रचना, रचनाकार के
सर्वाधिकार अधीन है


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रचना के बारे में पाठकों की समीक्षाएं (6)

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जयश्री विलास जोधंळे said

वाह! बहुत सुदंर रचना मनोज जी, आपको सादर प्रणाम

शिवचरण दास said

वाह वाह बहुत खूब मनोज जी वाकई रचना समदिल को सार्थक करती हैँ. अफ़सोस लिखन्तु पर आजकल कई रचनाएँ सदभावना को आहत करती हैँ.



परम्परा को आहत करती हैँ.

वन्दना सूद said

अद्भुत रचना 👌👌सही में कण कण में भगवान है

सुभाष कुमार यादव said

शब्दों और भावों का मणिकांचन संयोग। अद्भुत रचना समदिल सर।👌👌🙏🙏

मनोज कुमार सोनवानी "समदिल" said

आप सभी को सादर प्रणाम 🙏🌹 आप सभी के अनमोल शब्द मुझे प्रेरित करतें हैं। हृदय से आभार, धन्यवाद!!

सुप्रिया साहू said

वाह वाह...हर शब्द दिल को छू रही है, हृदयस्पर्शी एवं बहुत खूबसूरत रचना सर 👌👌, आपको सादर प्रणाम 🙏🙏।

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