मोहब्बत की किस्में होती जो दिखाने केलिए नहीं होता है
जग जीवन का भार सभी को नहीं मिलता है
जिसे आज़मा लेता है खुदा उसे धन नहीं देता है
शिक्षा दिखाई देती है भीतरी अमल दिखाई नहीं देता है
जग में दिखाने वाले लोग अक्सर बद आचरण होता है
धन वो शोहरत की हकीकत धोका है गलत प्रयोग से
ज़िंदा रहते भी धन काम नहीं आता जिसमें आह लगी है
काम न इसे न समझा जाय कि धन बे वजह अस्पताल में
गर दिल दिमाग अमन में नहीं तो धन यकीनन हराम होगा
मोहब्बत की किस्में होती जो दिखाने केलिए नहीं होता है
वसी अहमद क़ादरी । वसी अहमद अंसारी
मुफक्किर ए कायनात । मुफक्किर ए मखलुकात
दरवेश । लेखक । पोशीदा शायर
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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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