खाली खाली बाहर लगता,
अन्दर चहल पहल संभाली है।
ज्ञान ध्यान की दुनिया का,
खुद ही रखवाला सा माली है।
जब जागे तभी सवेरा 'उपदेश',
एक हाथ से बजी कब ताली है।
- उपदेश कुमार शाक्यवार 'उपदेश'
गाजियाबाद

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
खाली खाली बाहर लगता,
अन्दर चहल पहल संभाली है।
ज्ञान ध्यान की दुनिया का,
खुद ही रखवाला सा माली है।
जब जागे तभी सवेरा 'उपदेश',
एक हाथ से बजी कब ताली है।
- उपदेश कुमार शाक्यवार 'उपदेश'
गाजियाबाद
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