चुपचाप हो जाऊं या सबको हंसाती फिरूँ,
गगन को चूमने तितली बन उड़ूँ,
मैं थोड़ी बीमार-कमजोर सी हूँ,
तेरे संग झूमते रहूँ या दूर से निहारते रहूँ...।।
आसमान में चमकता सितारा बनू,
या पल-पल टिमटिमाता जुगनू बनू,
कुछ बन सकूं तो तेरी हर गलती भूल बैठूं,
कुछ कर सकूं तो बस तुझे जिंदगीभर प्यार करूं,
कुछ बन सकूं तो राधा-कृष्ण सा मशहूर बनू....।।
- सुप्रिया साहू


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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