दुश्मनी इस तरह निबाहेगा।
वो तेरी हाँ में हाँ मिलायेगा ॥
टूट जाएगा काँच की मानिंद ।
दिल किसी से अगर लगायेगा ।।
हाय ये दूरियाँ है दिल वाली ।
फ़ासले किस तरह मिटायेगा ।।
भेस बदला है रूप बदला है।
उस को पहचान तू न पायेगा ।।
लाख बिल है तू इल्मो फन में।
चापलूसों से मात खायेगा ।।
----डाॅ फौज़िया नसीम शाद


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







