काश ! सकून बिकता बाजार में,
थोक में खरीददारी कर लेते हम ,
इत्मीनान से बांटते रहते उन सबको ,
सदा रहते जो "दिल-ए-बेज़ार" से !
✒️ राजेश कुमार कौशल

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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काश ! सकून बिकता बाजार में,
थोक में खरीददारी कर लेते हम ,
इत्मीनान से बांटते रहते उन सबको ,
सदा रहते जो "दिल-ए-बेज़ार" से !
✒️ राजेश कुमार कौशल
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