आज का दिन महिलाओं का सम्मान करने का दिन है। लेकिन इससे भी बढ़कर, यह उनके मूल्यों, कार्यों और कर्मों पर विचार करने का दिन है।
महिलाएं केवल माता, बहन, पुत्री, पत्नी या सहकर्मी ही नहीं होतीं। वे कई परिवारों के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करती हैं। वे शक्ति, साहस, सामर्थ्य, दया और प्रेम की स्रोत हैं।
महिलाओं को आमतौर पर शालीन, शांत, हंसमुख, देखभाल करने वाली और दयालु माना जाता है। लेकिन इन गुणों के पीछे कभी-कभी ऐसे संघर्ष, बलिदान और भावनाएं छिपी होती हैं जिन्हें हमेशा देखा या स्वीकार नहीं किया जाता।
महिलाएं दुनिया से पूर्णता की अपेक्षा नहीं करतीं। कभी-कभी उन्हें केवल प्रशंसा, सम्मान, थोड़ी सी दया, पहचान या एक मुस्कान की आवश्यकता होती है।
तो आइए 'उपदेश' आज हम न केवल महिलाओं का सम्मान करें, बल्कि उन्हें वह स्नेह और आदर भी दें जिसकी वे हकदार हैं।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
गाजियाबाद


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