किसी ने हिंदू बताया तो किसी ने मुसलमान बताया,
क्या किसी ने अपने आप को इंसान बताया,
इंसानियत को भूल कर सबने अपने आप को धर्म का ठेकेदार बताया,
करते रहें अत्याचार और बांटा लोगों को,
फिर सब ने अपने आप को इमानदार बताया,
धर्म के नाम पर अधर्म का ठेका लिया सबने,
क्या किसी ने अपने आप को रब का पहरेदार बताया,
किसी ने हिंदू बताया तो किसी ने मुसलमान बताया,
यह रचना, रचनाकार के
सर्वाधिकार अधीन है
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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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