लहरों को साहिल से,जलन होने लगती है,
भीगी रेत पर जब,"वो",अपना नाम लिखती है
ढंक देती हैं आगोश में,एक एक अक्षर को
और जब लौटती है,नाम के साथ लौटती है।।1।।
रंगों की खुशबुओं को, सांसों में समा जाता है,
खुशबुओं के रंगों को, आंखों में बसा जाता है,
मोहब्बत तो ,जिंदगी का ,जायका है ,
ये "बसंत" आता है, तड़का लगा जाता है।।2।।
तुम्हारी हर शर्तों को, मंजूर नहीं कर सकता,
अपनी रिश्तों को, खुद से, दूर नहीं कर सकता,
अगर समझ सको, तो, यही मेरी मोहब्बत है,
अपनी इरादों को, , चकनाचूर नहीं कर सकता।।3।।
सर्वाधिकार अधीन है


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







